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आगरा के बुजुर्ग प्रभुदयाल गुप्‍ता का कहना है कि उनके पास कोठी और फ्लैट हैं लेकिन उनके बेटे और बहू ने घर से निकाल दिया है। वह आगरा के एक वृद्ध आश्रम में अपने दिन काट रहे हैं। उनकी बहू ने कान में इतनी जोर का मुक्‍का मारा कि उन्‍हें सुनाई देना बंद हो गया है।

सुनील साकेत, आगरा: जब घर में बेटा जन्म लेता है तो पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहता है। उसे वह अपने कंधों पर बैठाकर सवारी कराता है। उंगली पकड़कर चलना सिखाता है, लेकिन जब वही बेटा बड़ा होकर उसे दुत्कारता है। पीटता है। घर से निकाल देता है। तब उस पिता पर क्या बीतती है, इसकी कल्पना की जा सकती है। आइए जानते हैं आगरा के एक अमीर बेटे के लाचार पिता की कहानी। उनका करोड़पति बेटा शहर का नामचीन बिल्डर है। लोगों के लिए घर बनाता है, लेकिन अपने पिता को रखने के लिए उसके पास कोई जगह नहीं है। खुद डेढ़ करोड़ की मर्सिडीज कार में घूमता है, मगर पिता वृद्धाश्रम में अपनी जिदंगी के बचे दिन काट रहे हैं।

आगरा के पॉश एरिया सिकंदरा नीरव निकंज के रहने वाले प्रभुदयाल गुप्ता 80 साल के हैं। वह करीब एक महीने से रामलाल वृद्ध आश्रम में रह रहे हैं। जब उनसे आश्रम में आने का कारण पूछा तो उन्होंने जो बताया तो लोग हैरत में पड़ गए। बुजुर्ग प्रभुदयाल ने बताया कि उनका बेटा एक बड़ा बिल्डर है। शहर में कई जगह उसने अपार्टमेंट और कालोनियां बनवाई हैं। हाल ही उसने अपने लिए डेढ़ करोड़ की मर्सिडीज गाड़ी खरीदी है। मगर उसे अपने पास नहीं रख रहा है। उसे पीटकर घर से निकाल दिया। बेटे के साथ उसकी पत्नी भी पीटती है। उसके कान में इतनी तेजी से मुक्का मारा कि अब उन्हें सुनाई भी नहीं देता है।

दिवाली पर खरीदी डेढ़ करोड़ की कार

प्रभुदयाल गुप्ता ने बताया कि उनकी खुद की एक कोठी है। उनके नाम से एक फ्लैट भी है। बेटे ने पिछले महीने दूसरी शादी की है। उसके घर में एक बाहरी व्यक्ति ने कब्जा जमा लिया है। बेटा और बहू रोजाना उनके साथ मार पीट करते थे। ये सब लोग बाहरी व्यक्ति की बात मानते हैं। बहू ने उनके कान में दो मुक्के मारे थे। इससे उन्हें कानों से सुनाई नहीं देता है। बेटे ने दिवाली पर डेढ़ करोड़ की मर्सिडीज गाड़ी खरीदी है।

लाचारी में काट रहे दिन

प्रभुदयाल रामलाल वृद्धाश्रम में रह रहे हैं। आश्रम में 350 बुजुर्ग रहते हैं। दिसंबर के महीने में प्रभुदयाल आश्रम पहुंचे थे। जब उनके आश्रम आने का कारण पूछा तो वे फफक-फफक कर रोने लगे। कपकपाती आवाज से प्रभुदयाल ने कहा कि अब उसकी जिदंगी के जो बचे खुचे दिन हैं यहीं रहकर काटेंगे। उनका इकलौता बेटा उन्हें बुरी तरह से पीटता है।